Jay koli Rajput क्षत्रिय कोली राजपूत मराठा देशमुख साहेब तानाजी मालुसरे :- तानाजी मालुसरे का पुरा नाम देशमुख साहेब सरदार तानाजी राव मालुसरे था। वो छत्रपती शिवाजी राजे भोसले की मराठा सेना के सेनापति थे। तानाजी राव मालुसरे महाबलेश्वर रजवाड़े के क्षत्रिय मराठा कोली राजा थे। महाबलेश्वर रजवाड़े मे 40 गांव आते थे। (लड़ाईयां) #सिंहगढ की लडाई टोरणा की लडाई ढभोल की लडाई पाली की लडाई परभनवल्ली की लडाई चीपलुन की लडाई संगामेस्वर की लडाई श्रींगारपुर की लडाई सिंहगढ की लडाई तानाजी की आख़री लडाई थी। इस लड़ाई में उनकी मौत हो गई लेकिन विजय प्राप्त की। तानाजी का जन्म महादेव क्षत्रिय मराठा #कोली परिवार में हुआ। तानाजी मालुसरे #शिवाजी के बचपन के दोस्त थे साथ-साथ बड़े हुए। तानाजी_का_परिवार पिता - तानाजी के पिताजी का नाम #देशमुख साहेब कालोजी राव मालुसरे था। जो अपने भाई के साथ मिलकर महाबलेश्वर रजवाड़े पर राज करते थे। चाचा - #तानाजी के चाचाजी का नाम देशमुख साहेब भंवरजी राव #मालुसरे था जो अपने भाई कालोजी के साथ #महाबलेश्वर #र...
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Showing posts from November, 2019
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कोली राजपूत सेखोजी आंग्रे - कोलाबा राज्य के क्षत्रिय कोली राजा , भारत के समुद्री डाकुओं का राजा और मराठा नौसेना का एडमिरल सेखोजी आंग्रे महान कोली समुद्री राजा कान्होजी आंग्रे के बड़े बेटे थे। सेखोजी के ग्रेट फादर कान्होजी आंग्रे की मृत्यु के बाद, सेखोजी आंग्रे कोलाबा के राजा बने 4Th जुलाई 1729 को और मराठा नेवी के एडमिरल और शार्कल के शीर्षक का उपयोग किया। साहूजी ने वज़रातमब का शीर्षक भी दिया। कान्होजी आंग्रे की क्षत्रीय कोली शक्ति को कोलाबा में दो भाइयों सेखोजी आंग्रे के बीच विभाजित किया गया था और संभाजी आंग्रे ने स्वर्णदुर्ग में खुद को स्थापित किया था। सेखोजी आंग्रे, की पत्नी आनंदीबाई आंग्रे थीं। सेखोजी आंग्रे ने अपने महान पिता कान्होजी आंग्रे की तरह खुद को साबित किया। सेखोजी आंग्रे अंग्रेजी, द पुर्तगाली, द सिंडीस ऑफ जंजीरा और द नेवी ऑफ सूरत की तरह समुद्री शक्ति पर हमला कर रहे थे। शीर्षक सरखल वज़रातमब लॉर्ड ऑफ़ इंडियन पाइरेट्स लॉर्ड ऑफ़ इंडियन ओसेन्स टेरर ऑफ़ अरेबियन...
कोलाबा रियासत
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कोलाबा" की रियासत भी कोलाबा राज्य के नाम से जानी जाती है, ब्रिटिश राज के दौरान भारत में कोलाबा राज्य एक रियासत थी, कोलाबा राज्य के शासक महाराष्ट्र के "क्षत्रीय महादेव कोली" थे।। यह 1698 में सरखेल कान्होजी आंग्रे द्वारा स्थापित किया गया था । 1817 में कोलाबा का वार्षिक राजस्व 300000 (तीन लाख) था, लेकिन राजस्व 1818 में बढ़ गया था क्योंकि श्रीमंत मानजी राव आंग्रे ने 1817 में पेशवा को कुछ किले और कई गाँव दिए और छोटे बालाजी मनोज ने अपने पुत्र श्रीमंत रघुजी राव और रावण को मरवाया था। आंग्रे 1818 में, रघुजी ने अपने पिता और पेशवा और राजस्व को देखते हुए उन सभी गाँवों को वापस प्राप्त किया जो अधिक बढ़ गए थे। * क्षेत्रफल 318 वर्ग मील Title राजा साहब (कोलाबा के राजा) श्रीमंत सरदार (एक महान व्यक्तित्व) सरखेल (मराठा साम्राज्य की नौसेना का एडमिरल) दरियासरंग (सागर का योद्धा) संखपाल (वीर राणा सांगा राज्य के संरक्षक) Wazaratmav सबई सरखेल * कोलाबा राज्य के शासकों की सूची 🔹Kanhoji Angre (1698 से 1729) कोलाबा रियासत के और आंग्...
1803-1840 विद्रोह कोली राजपूत
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कोली राजपूत विद्रोह गुजरात 1803 से 1840 गुजरात के खेड़ा जिले पर कब्जा करने के लिए 1803 में British East India Company ने कोलियों के ऊपर #Disarming #Act लगाया जिसके तहत कोली अपने पास हथियार नही रख सकते थे। लेकिन कोली जाती ने इस एक्ट का पुरजोर विरोद किया और मरने मारने पर उतारू हो गए। इसके बाद अंग्रेजों ने कोली जाती को #Criminal #Tribe घोसित कर दिया। लेकिन कोली मुखियाओं (#कोली राजपूत #ठाकोर, ) ने कचेरी में अर्जी लगाई की ब्रिटिश सरकार का कोलियों पर कोई अधिकार नही है ये सब बन्द किया जाए लेकिन कुछ नही हुआ। इसके बाद कोली ज़मीदारों ने ब्रिटिश शासित शहरों और गांव में लूट मार सूरु कर दी। ब्रिटिश सरकार ने कोलियों को चेतबनी दी लेकिन कोलियों ने ब्रिटिश सरकार को नकारते हुए बोला की ये हमारा खानदानी अधिकार ह हम चाहे कुछ भी करें यह हमारा #टैक्स बसूलने का तरीका है और लंबे समय तक कोली इसी तरह ब्रिटिश सरकार की माँ बहन करते रहे। 1808 में कोली राजपूत और ज्यादा प्रचंड हो गए और अंग्रेजी चमचो और अंग्रेजों को जान से मारने लगे और उनके हथियारों को इखट्टा कर लेते थे। फरबरी 1808 में कं...
KOLI RAJPUT STATE
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KOLI RAJPUT STATE सूर्यवंस के क्षत्रिय कोलिय कुल के राजपूतो का इतिहास ओर विरासत कान्होजी आंग्रे (जन्म: अगस्त 1669, देहांत: 4 जुलाई 1729), जिन्हें 18वी सदी ई॰ में मराठा साम्राज्य की नौसेना के सर्वप्रथम सिपहसालार थे। उन्हें सरख़ेल आंग्रे भी कहा जाता है। "सरख़ेल" का अर्थ भी नौसेनाध्यक्ष (ऐडमिरल) होता है। उन्होंने आजीवन हिन्द महासागर में ब्रिटिश, पुर्तगाली और डच नौसैनिक गतिविधियों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। उनके पिता तान्होजी आंग्रे भी छत्रपति शिवाजी की फ़ौज में नायक थे और कान्होजी आंग्रे का बचपन से ही मराठा फ़ौज के साथ सम्बन्ध रहा। उन्होंने मराठा नौसेना को एक नए स्तर पर पहुँचाया और कई स्थानों पर मराठा नौसैनिक अड्डे स्थापित किये, जिनमें अण्डमान द्वीप, विजयदुर्ग (मुंबई से 425 किमी दूर), आदि शामिल थे। वे आजीवन अपराजित रहे क्षत्रिय कोलिय कुल के वंस होने पर गर्व है Wazaratmav Sabai-Sarkhel Raghuji Raje Angre With His Wife रानीसा Bhairbi Raje Angre Royal क्षत्रिय कोलिय कुल Family Of Colaba State क्षत्रिय कोलिय कुल के इस आंग्रे परिवार ने अंग्रेजों...
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KOLI RAJPUT Saturday, 16 December 2017 गुजरात क्षत्रिय कोली राजपुत और ठाकोर वोट बैंक Apart from the upper caste Patidars, another major group that has challenged the supremacy of the Modi government is the OBC Koli community, estimated to constitute over 32 per cent the state's population. The ruling party may find the going tough in elections later this year if significant sections of the Patidars and Kolis drift away from it. The Kolis are evenly spread across all regions of the state. Socially, they are divided into several sub-sections like Chumadia Koli, Tadapada Koli Rajput, Patanvadia Koli, Baria Koli, Thakor Koli and Koli Patel. Occupationally, there are two sections: sea-based Kolis (those settled in the long coastal belt and engaged in fishing activities) and land-based Kolis (small and marginal farmers and landless labourers). According to the state OBC commission, there are 136 castes...
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कोली / कोलिय राजपूत (koli Rajpoot) कोली ज्यादातर गुजरात,राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों का निवासी रहा है। दक्षिण भारत में कोली जाती मुख्य उपजाति मुथूराजा,मुदीराजु,मुथरैयार और आर्यन हैं। कोली शब्द कोलिय कुल से आया क्योंकि अगर प्राचीन इतिहास उठा के देखते है तब कोलिय कुल का विस्तृत विवरण मिल जाता है। अंजना कोलिय कोली क्षत्रिय वंश से थे जिनकी पुत्री का विवाह शाक्य कोलिय वंश सुद्धोधन से हुआ । सुद्धोधन के पुत्र सिद्धार्थ हुए जो आगे चल के गौतम बुद्ध नाम से जाने गए अतः गौत्तम बुद्ध कोलिय वंश से थे। भारत की सबसे प्राचीन सभ्यता मोहनजोदारो के शिलालेखों पर स्पस्ट रूप से मान्धाता कोलिय वंश लिखा हुआ है जो की सूर्यवंशी प्रतापी राजा थे। पृथ्वी विजेता मान्धाता से ही कोली वंश का उदय हुआ मान्धाता के ही वंश में इष्वांकु पैदा हुए इष्वांकु वंश की नींव यही से पडी । मान्धाता की 25वी पीढ़ी में भागवान राम का जन्म हुआ ।अतः मतों के अनुसार भगवान् राम कोलिय इष्वांकु वंश के थे। महाराष्ट्र में मराठा सासक शिवाजी की सेना में अधिकतर कोल...
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अखिल भारतीय क्षत्रिय कोली राजपूत संघ के प्रतिनिधियों की भाबर के झंडीचौड़ में आयोजित बैठक में कोली राजपूतों के इतिहास पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा पौड़ी जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि कोली राजपूतों का इतिहास गौरवमयी रहा है। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने भी अपने अध्ययन में इस जाति का इतिहास गौरवमयी ही पाया है। हिमाचल से आये कृष्ण चंद्र ने कहा कि इतिहास में यह जाति क्षत्रिय वीरों की भांति दर्शाई गई है। राजपूताना सेवा समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी ने कहा कि अगर भारत सरकार वास्तव में ही जाति प्रथा को समाप्त करना चाहती है तो सर्वप्रथम संविधान से जातियों की सूची को हटाना होगा। वक्ताओं ने भोली भाली जनता से झूठे वायदे कर सत्ता हथियाने के राजनैतिक दलों के प्रसासों को भी अनुचित बताया।बैठक में राय सिंह भंडारी, रजनीश राजपूत, रविन्द्र नेगी, अमर सिंह गुसाई, सोबन सिंह, सतेन्द्र सिंह, विनोद सिंह, रोशन सिंह, अमित कुमार, राकेश सिंह, सादर सिंह, गजे सिंह और राघवेन्द्र सिंह आदि थे।