अखिल भारतीय क्षत्रिय कोली राजपूत संघ के प्रतिनिधियों की भाबर के झंडीचौड़ में आयोजित बैठक में कोली राजपूतों के इतिहास पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा पौड़ी जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि कोली राजपूतों का इतिहास गौरवमयी रहा है। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने भी अपने अध्ययन में इस जाति का इतिहास गौरवमयी ही पाया है। हिमाचल से आये कृष्ण चंद्र ने कहा कि इतिहास में यह जाति क्षत्रिय वीरों की भांति दर्शाई गई है। राजपूताना सेवा समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी ने कहा कि अगर भारत सरकार वास्तव में ही जाति प्रथा को समाप्त करना चाहती है तो सर्वप्रथम संविधान से जातियों की सूची को हटाना होगा। वक्ताओं ने भोली भाली जनता से झूठे वायदे कर सत्ता हथियाने के राजनैतिक दलों के प्रसासों को भी अनुचित बताया।बैठक में राय सिंह भंडारी, रजनीश राजपूत, रविन्द्र नेगी, अमर सिंह गुसाई, सोबन सिंह, सतेन्द्र सिंह, विनोद सिंह, रोशन सिंह, अमित कुमार, राकेश सिंह, सादर सिंह, गजे सिंह और राघवेन्द्र सिंह आदि थे।
Koli Rajput क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल के बारे में क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल एक विशुद्ध क्षत्रिय कुल है। वर्तमान में शाक्यो को भी कोलिय क्षत्रिय के नाम से सम्बोधित किया जाता हैं। क्षत्रिय कोलिय सम्पूर्ण भारत में निवास करते हैं। भारत मैं अन्य क्षत्रियो की तुलना में क्षत्रिय कोलियो की जनसंख्या अधिक है। अगर आप भगवान गौतम बुद्ध को जानते हैं तो आप मेरे कुल/वंश को भी भली भांति पहचानते हैं। गौतम बुद्ध की माताजी नागवंशी क्षत्रिय कोलिय राजकुमारी थी। सिंह शब्द का उच्चारण सर्वप्रथम "शाक्य सिंह" सिद्धार्थ गौतम के लिए किया गया। सूर्यवंशी क्षत्रियो की शाखा नागवंशी क्षत्रिय है और ओर नागवंशी क्षत्रियो की शाखा कोलिय कुल है। कोलिय क्षत्रियो को आप नागवंशी क्षत्रिय भी कह सकते हैं, ऐसा माना जाता है कि सूर्य की तीसरी पत्नी क्रोधवशा से नाग वंश की उत्पत्ति हुई। क्षत्रिय कोलिय के प्रमाण त्रेता युग के महाप्रतापी राजा मांधाता से मिलते हैं। मोहनजोदारो के शिलालेखों पर स्पष्ट रूप स...
Nice
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